स्टार्टअप क्या है और स्टार्टअप कैसे शुरू करें ? पूरी जानकारी हिंदी में

आज के इस आर्टिकल में हम स्टार्टअप क्या है (what is startup in Hindi) के बारे में जानकारी देने वाले है।

स्टार्टअप क्या है
Startup क्या है ? 

इन दिनों हर जगह पर स्टार्टअप या स्टार्टअप कंपनी यह नाम सुनने को मिलता है।

यदि हम आज के युवा को पूछे कि क्या कर रहे हो या फिर भविष्य में क्या करने वाले हो, तो वह कहता है कि वह अपना खुद का स्टार्टअप या स्टार्टअप कंपनी शुरू करने जा रहा है।

वैसे, इसमें कोई बुरी बात भी नही है परंतु बहुत से लोग ऐसे भी है जिन्होंने स्टार्टअप (startup) का नाम तो सुना रहता है लेकिन वह लोग स्टार्टअप क्या होता है यह नही जानते है। 

तो यदि आपको भी नही पता कि आखिर ये स्टार्टअप कंपनी क्या होता है (what is a startup company in Hindi), तो आपको चिंता करने की जरूरत नही है क्योंकि आज के इस लेख में हम आपको about startup in Hindi के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

और साथ मे आपको यह भी बताएंगे कि स्टार्टअप कैसे शुरू करते है और स्टार्टअप को फंडिंग कहा से मिलती है

तो चलिए सबसे पहले हम आपको बताते है कि स्टार्टअप किसे कहते है। 

स्टार्टअप क्या है ? (startup meaning in Hindi)

यदि आप सोच रहे है कि स्टार्टअप का मतलब क्या होता है तो आप इसके नाम से ही समझ सकते है कि यह किसी चीज को स्टार्ट (start) करने के बारे में है।

और जब आप इस नाम को बिज़नेस से जोड़कर देखते है तो यह बिज़नेस के साथ भी जुड़ जाता है। 

यही कारण है कि लोग जब कोई बिज़नेस शुरू करने की सोचते है या फिर शुरू करते है तो उसे भी स्टार्टअप कहते है। 

यदि आप शुरुवाती दौर में कोई कंपनी शुरू कर रहे है तो आप उसे भी स्टार्टअप कह सकते है, क्योंकि तब उस कंपनी की शुरुवात मात्र होती है।

जैसा कि आप सभी लोग जानते होंगे कि इन दिनों कई लोग अपने नए नए स्टार्टअप प्लान लेकर आ रहे है, और उन्ही लोगो मे से कुछ लोगो के स्टार्टअप को सफलता भी प्राप्त हो जाती है।

एक स्टार्टअप कंपनी नया होता है और वो अपने development के phase में होता है जिसे market research, सही प्लानिंग और असरदार marketing strategies की जरुरत होती है।

Startup companies को ज्यादातर ऐसे किसी products या service के साथ शुरू किया जाता है जिनसे आम जनता की problems को solve किया जा सके।

स्टार्टअप दरसल एक या एक से ज्यादा entrepreneurs के द्वारा शुरू किया जाता है जो मूल रूप से एक scalable business model को धीरे धीरे development की राह पर ले जाते है।

यदि आपके मन मे भी कोई अच्छा सा बिज़नेस आईडिया हो तो आप भी अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते है।

तो अब शायद आप समझ गए होंगे कि स्टार्टअप किसे कहते है। 

भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप कंपनी की परिभाषा क्या है ?

चलिए अब हम आपको भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप की परिभाषा क्या है इसके बारे में बताते है।

भारत सरकार के परिभाषा द्वारा स्टार्टअप यह एक ऐसा कारोबार है जो भारत मे रजिस्ट्रेशन करने के बाद पांच साल से अधिक न हुए हो और उस स्टार्टअप का सालाना कारोबार किसी भी वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ रुपये से अधिक न हो तो उसे स्टार्टअप कह सकते है।

मतलब की यदि आपका कोई स्टार्टअप है और आपके स्टार्टअप ने पिछले वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया हो या आपके स्टार्टअप ने 5 साल पूरे कर लिए हो तो उसे स्टार्टअप नही कहा जाएगा।

स्टार्टअप कंपनी कैसे काम करती है ?

यदि आप कोई स्टार्टअप शुरू करना चाहते है तो आप शुरुआत में खुद भी काम कर सकते है।

लेकिन जब आपका स्टार्टअप किसी कंपनी में बदल जाता है तो इस स्टार्टअप को मैनेज करने के लिए किसी मैनेजर की जरूरत पड़ती है।

और फिर यह मैनेजर स्टार्टअप में काम करने वाले सभी व्यक्तियों को उनका काम निर्धारित करके देता है।

वैसे एक स्टार्टअप कंपनी में कई सदस्य रहते है जो बिजनेस के अलग अलग श्रेणियों को संभालते है।

अब इस स्टार्टअप कंपनी का अपना एक प्रोडक्ट होता है जो लोगो के जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है।

कई स्टार्टअप कंपनीया बोहोत से सर्विस भी प्रोवाइड करती है। 

Startup companies में षुरूवादी समय में एक या एक से ज्यादा entrepreneurs मिलकर लोगो की problems को ध्यान में रखते हुवे लोगो के काम आने वाले products या services को लेकर आते है।

इसके बाद, entrepreneurs अपने skills, knowledge और hard work के साथ उन products / services को प्रमोट करते है।

धीरे धीरे company आगे बढ़ती है और अलग अलग works के लिए specialized employees भी रक्खा जाता है जिससे काम और भी आसान होता है।

Business और Startup में क्या फर्क है ?

बहुत से लोग ऐसे होते है जो business और startup के बीच का अंतर नही समझ पाते है,

यदि आपको भी बिज़नेस और स्टार्टअप में क्या फर्क होता है यह नही पता तो कोई बात नही हम आपको बता देते है। 

Business 

यदि कोई अपना बिज़नेस शुरू करने की सोच रहा है तो वह काफी छोटे स्तर से शुरू कर सकता है, यानी बिज़नेस शुरू करने वाला व्यक्ति काफी कम पैसे और कम लोगो के साथ अपने बिज़नेस की शुरुवात कर सकता है।

मतलब की यह कोई भी कंपनी हो सकती है या फिर कोई फर्म भी हो सकती है।

आप बिज़नेस को ट्रायल के रूप में छोटे स्तर पर शुरू करके देख सकते है।

Startup 

वैसे बिज़नेस और स्टार्टअप में ज्यादा फर्क नही है, परंतु इन दिनों स्टार्टअप यह नाम काफी पॉपुलर होता जा रहा है।

स्टार्टअप एक बिज़नेस ही होता है, लेकिन किसी भी स्टार्टअप में कोई एक यूनिक आईडिया होता है जिसको ध्यान में रक्खा जाता है।

यानी एक ऐसा बिज़नेस जो मार्किट में नया बिल्कुल नया हो जैसे Oyo, Ola, Uber, airbnb और यह सभी किसी विशेष आईडिया (idea) को लेकर शुरू किया गया स्टार्टअप ही थे।

यदि आप के पास भी कुछ क्रिएटिव आईडिया है जिसके द्वारा आप लोगो को product या service के तौर पर कुछ नया दे सकते है, तो आप भी अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते है।

किसी भी नए और क्रिएटिव आईडिया को लेकर शुरू किया जाता है स्टार्टअप। 

स्टार्टअप कैसे शुरू करे ? (How to start a startup company)

यदि आपको लगता है कि आप किसी भी एक आईडिया को लेकर अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते है तो आपकी यह सोच गलत है। 

क्योंकि अगर सच कहा जाए तो स्टार्टअप शुरू करना इतना आसान नही होता है।

किसी भी स्टार्टअप को सफलता दिलाने के लिए कड़ी मेहनत लगती है और साथ मे आपके पास फंडिंग भी होना जरूरी है क्योंकि बिना पैसों के आप स्टार्टअप को शुरू नही कर सकते है।

चलिये अब हम आपको नीचे स्टेप बाय स्टेप बताते है कि स्टार्टअप कैसे शुरू करते है। 

एक अच्छे आईडिया के बारे में सोचे 

बिना आईडिया के कोई भी स्टार्टअप शुरू नही हो सकता है। एक स्टार्टअप तभी शुरू होता है जब उसके लिए कोई अच्छा आईडिया हो। तो यदि आप स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे है तो सबसे पहले आपको किसी अच्छे आईडिया के बारे में सोचना चाहिए।

और ध्यान रखिये के आप आपने स्टार्टअप आईडिया के साथ लोगो के किसी विशेष problem को solve कर सके ऐसा idea होना चाहिए।

अपना बिज़नेस प्लान बनाए 

अब जब आप कोई अच्छा आईडिया सोच लेते है तो आपको उस आईडिया के लिए कोई अच्छा बिज़नेस प्लान बनाने की जरूरत पड़ती है। क्योंकि बिना प्लानिंग के आपके स्टार्टअप को सक्सेस नही मिल सकती है। 

मार्किट को एनालिसिस करे 

जब आप कोई अच्छा आईडिया सोच लेते है और उस आईडिया पर अपना पूरा बिज़नेस प्लान भी बना लेते है तो इसके बाद आपको मार्किट को एनालिसिस करने की जरूरत पड़ती है।

क्योंकि यदि आपके पास एक ऐसा आईडिया है जिसका मार्किट में कोई काम नही तो फिर आपका स्टार्टअप असफल हो सकता है।

इसीलिए मार्किट को एनालिसिस करना जरूरी है। 

अपने स्टार्टअप के लिए यूनिक नाम चुने 

अब आपको अपने स्टार्टअप के लिए कोई अच्छा और यूनिक नाम चुनने की जरूरत है। क्योंकि एक अच्छे और यूनिक नाम से ही आपका स्टार्टअप जाना जाएगा। किसी भी startup company के लिए branding बोहोत जरुरी चीज होता है।

और branding के लिए company का एक attractive और innovative नाम होना जरुरी है। 

इसके अलावा, यहां पर आपको इस बात को ध्यान रखना है कि आप अपने स्टार्टअप को जो नाम दे रहे है वह पहले से कोई इस्तेमाल न कर रहा हो। 

स्टार्टअप के लिए को-फाउंडर ढूंढे 

जब आप आपके स्टार्टअप के लिए एक अच्छा नाम चुन लेते है तो फिर इसके बाद आपको को को-फाउंडर (co-founder) ढूंढने की जरूरत होती है ताकि वो आपके साथ आपके स्टार्टअप को चलाने में मदद कर सके। 

अपना स्टार्टअप रजिस्टर करें 

अपने स्टार्टअप को रजिस्टर करना यह बहुत ही जरूरी प्रक्रिया है। क्योंकि रजिस्ट्रेशन के बाद ही आप किसी भी योजना का लाभ उठा सकते है और आपके स्टार्टअप के सभी वर्क लीगल हो जाते है। 

स्टार्टअप के लिए फंडिंग कहा से मिलती है ?

यदि आपका स्टार्टअप आईडिया बहुत छोटा है तो शुरुवात में आप अपने सेविंग किये हुए पैसों से या फिर दोस्तो या रिश्तेदार से पैसे लेकर या फिर बैंक से भी फण्ड लेकर अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते है। 

लेकिन यदि आपका स्टार्टअप आईडिया बहुत बड़ा है और आपको यकीन है कि यह आगे जाकर सक्सेस होगा तो तब आपको angel इन्वेस्टर्स से एडिशनल फंडिंग लेनी पड़ती है, या फिर आप वेंचर कैपिटलिस्ट या IPO से भी फंडिंग ले सकते है। 

लेकिन जब आप स्टार्टअप के लिए बाहर से फंडिंग लेते है तब आपकी इक्विटी बहुत हद तक कम हो जाती है और आपकी ओनरशिप diversifies हो जाती है। 

Co-founders कौन होते है ?

Co founder वह होता है जो स्टार्टअप कंपनी को आगे बढाने के लिए फाउंडर (founders) के साथ work करता है और स्टार्टअप को सक्सेस दिलाने के लिए founder जैसे ही मेहनत करता है। को फाउंडर कोई भी हो सकता है या तो वह आपके ही कंपनी का कोई व्यक्ति हो सकता है या फिर कोई बाहर का व्यक्ति भी हो सकता है। 

मुख्य रूप से देखा गया है कि को फाउंडर वही होता है जो फाउंडर के साथ पार्टनरशिप में को फाउंडर के रूप में कार्य करता है और स्टार्टअप को हर तरह से support करता है। 

भारत के कुछ फेमस स्टार्टअप कंपनी कौन सी है ?

वैसे तो हर साल नए नए स्टार्टअप शुरू होते है लेकिन उनमें से कुछ स्टार्टअप असफल हो जाते है और कुछ स्टार्टअप सक्सेस हो जाते है।

और इन सभी स्टार्टअप में से कुछ स्टार्टअप तो काफी फेमस भी हो जाते है।

तो वह कौन से फेमस स्टार्टअप कंपनी है यह हम आपको नीचे बताते है। 

  1. Oyo Rooms 
  2. Ola
  3. Zomato
  4. Paytm
  5. Byjus
  6. Flipkart

उपर दी गयी लिस्ट यह भारत के कुछ फेमस स्टार्टअप कंपनी की है।

वैसे और भी बोहोत से startup companies हे जिनको आप लोग जरूर जानते होंगे। 

स्टार्टअप के फायदे क्या है ?

बहुत से लोगो के मन मे यह सवाल आता होगा कि आखिर स्टार्टअप के क्या फायदे होते है, तो चलिए हम आपको नीचे स्टार्टअप के कुछ फायदे बताते है।

  1. आप अपने स्टार्टअप में नए नए इनोवेशन ला सकते है।
  2. स्टार्टअप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको बिज़नेस के बारे में काफी कुछ सीखने को मिलता है।
  3. आपको काफी अच्छे अच्छे learning, knowledge, experience मिलता है कि बिज़नेस को कैसे रन किया जाता है।
  4. आप अपने खुद के बॉस होते है यानी आपको किसी के दबाव में काम नही करना पड़ता है।

स्टार्टअप के नुकसान क्या है ?

हमने आपको ऊपर के पॉइंट्स में स्टार्टअप के फायदे तो बता दिए है लेकिन किसी भी चीज के फायदे होते है तो कुछ नुकसान भी होते है।

तो चलिए अब हम आपको नीचे बताते है कि स्टार्टअप के नुकसान क्या होते है।

  1. स्टार्टअप का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि आपका वर्क लोड बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। शुरुवाती दिनों में आपको रात दिन काम करना पड़ता है।
  2. स्टार्टअप का दूसरा नुकसान यह होता है कि आपका स्टार्टअप फेल भी हो सकता है, जिसके कारण आपको भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
  3. तीसरा नुकसान यह होता है कि शुरुवाती दिनों में आपकी इनकम ना के बराबर हो सकती है। 

 

Conclusion –

तो आज के इस लेख में हमने आपको स्टार्टअप के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

हम आशा करते है कि आपको आज का यह लेख स्टार्टअप क्या है (what is startup in Hindi) और स्टार्टअप कैसे शुरू करें पसंद आया होगा।

Startup दरसल एक Young company होता है जिसे एक या उससे ज्यादा entrepreneurs मिलकर शुरू करते है market में किसी नए product, idea और service के साथ।

यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।

 

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