मसाले का बिजनेस कैसे शुरू करें ? मसाला उद्योग की जानकारी हिंदी में

मसाले का बिजनेस कैसे शुरू करें (masale ka business) ? मसाला उद्योग कैसे लगाए ? इस आर्टिकल के जरिये आपको पूरी जानकारी मिलने वाली है। मसाला उद्योग की जानकारी, क्या होता है, प्रकार

मसाले का बिजनेस कैसे शुरू करें
Masale ka business kaise shuru kare ?

दोस्तो हमारे भारतीय मसालों का इतिहास बहुत पुराना है एवं विश्व भर में भारत के मसाले बेहद प्रसिद्ध हैं। मसालों का नाम सुनते ही उन खानों का चित्र हमारे दिमाग में बनने लगता है जो हमारा पसंदीदा है।

मसालों के मिश्रण से जहाँ एक तरफ खाने का जायका बढ़ जाता है वहीं दूसरी तरफ इसकी खुशबू से पूरी रसोई सुगंधित हो जाती है। घर में कुछ तो लज़ीज़ पकवान बन रहा है, इस बात की खबर पूरे घर को हो जाती है।

मसालों के बिना खाने का स्वाद अधूरा सा लगता है इन मसालों में कुछ तो ऐसी खासियत ज़रूर है जो भोजन को लाजवाब बना देती है व स्वाद में वृद्धि करती है। 

आजकल Market में कई Flavor में मसाले उपलब्ध होते है जो हमें बड़ी ही आसानी से प्राप्त हो जाते है।

ऐसे में अगर हम बात करें मसाला उद्योग (Spice industry Business) की तो ये मसाले का बिजनेस एक अच्छा विचार है खुद का व्यवसाय शुरू करने का।

तो अब प्रश्न ये उठता है की आखिर क्या होता है मसालों का व्यापार और कैसे इसे शुरू किया जा सकता है ? 

मसालों का उत्पादन करते समय तमाम बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, और आज हम आपको कुछ ऐसी ही बातों से अवगत कराने जा रहे हैं जो मसाला उद्योग से जुड़ी हैं।

तो अगर आप अपना मसाले का बिजनेस शुरू करने की सोच रहें हैं तो ये Article आपके लिए लाभकारी होने वाला है।

इसलिए दोस्तो, आज के Article मे हम आपको मसालों के व्यवसाय से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा करेगे।

इस व्यापार से जुड़े सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को प्राप्त करने हेतु हमारे आज के इस Article को पूरा जरूर पढ़े। 

मसाला उद्योग क्या होता है ?

दोस्तो मसाला उद्योग का मतलब होता है, ऐसा स्थान जहाँ मसालों का उत्पादन किया जाता है अतः जहाँ मसालों का निर्माण होता है। मसालों को पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए उधमी कच्चे मसालों को पीसकर उन्हें पाउडर का रूप देते है अर्थात खाने योग्य बनाते हैं।

तब जाकर इन्हें मार्केट में उतारा जाता है एवं इसकी सप्लाई होती है।

मसाला तैयार करने के लिये कच्चे मसाले को उपयोग में लाया जाता है फिर उसे मिलाकर अलग अलग फ्लेवर में मसाला बनाया जाता है। 

इसमे प्रयोग होने वाले सूखे मसाले जैसे काली मिर्च, हल्दी, सूखी मिर्ची, जीरा, धनिया आदि हैं एवं इन्हे कच्चे मसालों की श्रेणी में शामिल किया जाता है।

और इनकी मदद एवं मिश्रण से पक्के मसालों का निर्माण किया जाता है।

इस मसाला बनाने की प्रक्रिया में कई प्रकार के उपकरणों को प्रयोग में लाया जाता है एवं इसमें उधमी की मेहनत भी शामिल होती है।

मसाले का बिजनेस कितने प्रकार के होता है ?

मसाला उद्योग दो प्रकार से किये जा सकते हैं। 

1- मसालों को खरीदकर उसका विक्रय करना

2- मसालों का स्वतः निर्माण करना 

मसालों को खरीदकर उसका विक्रय करना

इसके अंतर्गत आप खड़े मसालों को थोक में खरीद कर उसको Local Market मे सप्लाई करते है।

इसमें मसाला पैकिंग बिजनेस भी शामिल होता है जहा आप खड़े मसालों को खरीद कर अपने ब्रांडिंग (branding) के साथ उनका पैकिंग करते है और वापस उन्हें मार्केट में बेचते है। 

ये मसाला व्यापार भी बोहोत फ़ायदेमंत होता है जिसे बोहोत से लोग शुरू करने की इच्छा रखते है। 

मसालों का स्वतः निर्माण करना

अगर आप स्वयं का व्यवसाय करने की सोच रहें है तो ये एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको कुछ संसाधनों एवं स्थान की ज़रूरत पड़ेगी।

इसके अंतर्गत मसाले को अपने यहां तैयार करके उसे मार्केट में सप्लाई करना होता है। ये एक कठिन कार्य है मगर हा कुछ उपकरणों की सहायता से इस बिजनेस को शुरू करने में बहुत आसानी होगी।

वे उपकरण हैं पॉवर ग्रेडर, ड्रायर, क्लीनर, ग्राइंडिंग व बैग सीलिंग मशीन इत्यादि और जैसे- जैसे आप इस व्यापार में आगे बढ़ेंगे, आपके अनुभव में निखार आयेगा। 

अनुभव किसी भी कार्य को आसान बना देती है बस ज़रूरत है तो मेहनत और लगन की।

कोई भी कार्य यदि मन से किया जाये तो सफ़लता अवश्य हासिल होती है।

शुरुआती दिनों में भले थोड़ी मुश्किल हो मगर धीरे-धीरे आपके लिये वह कार्य आसान हो जायेगा और आपको अपने अनुभवों से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और भविष्य में आपके कार्यों का एक नया स्वरूप उभर कर सामने आयेगा।

मसाला उत्पादन के लिये प्रसिद्ध राज्य

दोस्तो मसालों के व्यापार को शुरू करने से पहले आपका यह जानना बेहद जरूरी है कि भारत में कौन-कौन से मसाले और किस किस राज्य में मिलते है।

वैसे तो भारत में कई राज्य हैं जहाँ मसालों का उत्पादन होता है मगर अगर हम बात करें प्रसिद्धि की तो इसमे केरल का नाम सबसे पहले आता है।

केरल एक ऐसा राज्य है जो पूरे भारत में मसला उत्पादन के लिए जाना जाता है एवं इसने मसालों के मामले में प्रसिद्धि हासिल की है।

आपको बता दें की केरल में मसालों के लिये बाहरी देश के लोग व्यापार करने आते थे और अधिक मुनाफा कमाते थे, इसमें जो मुख्य नाम शामिल है वो वास्कोडिगामा का है, वास्कोडिगामा वह व्यक्ति था जिसने भारत की खोज की थी। 

मसालों के नाम एवं मसाला उत्पादित करने वाले अन्य राज्य

  1. हल्दी: हल्दी एक ऐसा मसाला है जो किसी भी खाने में जान डालने का काम करता है और हल्दी की सर्वाधिक खेती ऐसे राज्यों में होती है जहाँ वर्षा अधिक होती है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु दो ऐसे राज्य है जहाँ पर बहुत ज्यादा बारिश होती है एवं ये हल्दी के खेती के लिये बहुत लाभकारी हैं। हालांकि हल्दी की खेती के लिये असम, मेघालय, केरल, बिहार, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, उड़ीसा एवं उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्य भी शामिल में है लेकिन इनमे से मुख्य राज्य आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु है क्योंकि अन्य राज्यों की अपेक्षा यहाँ वर्षा अधिक होती है।
  2. काली मिर्च: काली मिर्च का स्थान तो हर तरह के मसालों में होता है, काली मिर्च के मिलने से मसालों को पूर्ण रूप है। इस मसाले का उत्पादन अधिकांश गुजरात, उदिशा, तमिलनाडु, उत्तराखण्ड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में होता है।
  1. इलायची: इलायची की खुशबु हर पकवान को शानदार व लाजवाब बना देती है। रसोई में यदि कुछ पक रहा है और उसमे इलायची का मिश्रण किया गया है तो पूरे घर में उसकी सुगन्ध फैल जाती है और यह पता लग जाता है की किचन में आज कुछ स्वादिष्ट पक रहा है। प्रायः इलायची हमें दो प्रकार की देखने को मिलती है- बड़ी व छोटी। अगर इलायची के उत्पादन वाले स्थानों के बारे में बात करे तो इसकी खेती पश्चिमी घाट के पर्वतों पर होती है। दूसरा राज्य तमिलनाडु है जहाँ इलायची की खेती होती है। आपको बता दें की इलायची को सभी मसालों की रानी माना जाता है।
  1. अदरक: अदरक सिर्फ मसालों का ही हिस्सा नहीं ही बल्कि इसके चाय, काढ़े आदि में भी सम्मलित किया जाता है जो की हमारे सेहत के लिये अत्यंत उपयोगी है। अदरक में कई ऐसे तत्व भी पाये जाते है जो मनुष्य के प्ररोधक क्षमता को मजबूत रखती है। अब अगर हम बात करें अदरक की खेती की तो भारत में जिस राज्य में अदरक की खेती सबसे अधिक होती है वो राज्य केरल है और दूसरे नम्बर पर आने वाला राज्य मेघालय है। 
  2. दालचीनी: दालचीनी एक प्रकार की लकड़ी की भाँति होती है। दाल व चीनी से इसका कोई संबन्ध नहीं है। बस इसका नाम ही ऐसा है की अगर कोई व्यक्ति पहली बार सुनता है तो वो इसे दाल और चीनी से जोड़ने की कोशिश करता है। दालचीनी एक ऐसा मसाला है जो बीमारी में अत्यंत उपयोगी है एवं इससे पाचनतंत्र संबंधी संस्याए दूर रहती है। भारत में दालचीनी की सर्वाधिक खेती कर्नाटक में होती है।
  1. अजवायन एवं लौंग: ये दो मसाले हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है अतः घरेलू नुसकों में प्रयोग लाये जाते हैं। इनका उपयोग हम बहुत से कामों में करते हैं एवं इनके सेवन से तमाम तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। अजवायन का उत्पादन उत्तर प्रदेश एवं पंजाब में होता है और लौंग का उत्पादन केरल, कर्नाटक एवं तमिलनाडु द्वारा किया जाता है।
  1. जीरा: जहाँ एक तरफ इलायची को मसालों की रानी का दर्जा हासिल है तो वही दूसरी तरफ जीरे को मसालों का राजा कहा जाता है। जीरे का प्रयोग हम लगभग प्रतिदिन करते हैं। और अगर हम तड़का देने की बात करें तो इसमे जीरा मुख्यतः उपयोगी होता है, इसकी सुगन्ध खाने को और भी लज़ीज़ बना देती है। जीरा का उत्पादन राजस्थान, उत्तर प्रदेश व गुजरात में किया जाता है।
  1. मेथी: मेथी का उत्पादन भी मुख्यतः राजस्थान, उत्तर प्रदेश व गुजरात में होता है। इसे भी कई तरह से उपयोग में लाया जाता है चाहे वो खाने में हो या किसी अन्य कार्य के लिये। ये एक ऐसा मसाला है जो बेहद लाभकारी है।
  1. लहसून: लहसून जहाँ एक तरफ सब्ज़ी का अहम हिस्सा है वहीं दूसरी तरफ इसे मसालों की श्रेणि में भी शामिल किया जाता है। लहसून का प्रयोग खाना बनाने से लेकर मसालों आदि तक में होता है। कोई भी चटपटी चीज़ बनानी हो वो लहसून के बिना अधूरी मानी जायेगी क्योंकि लहसून खाने का ज़ायका बढ़ाने का काम करता है व खाने के स्वाद को बदल देता है। इस मसाले का उत्पादन मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान आदि राज्यों में होता है।
  1. तेजपत्ता: तेजपत्ता मसालों का मुख्य अंग है, इसके बिना मसालों की लिस्ट अधूरी रहेगी। इसकी सुगन्ध खाने को और स्वादिष्ट बना देती है। इसका उत्पादन सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश में किया जाता है। 
  2. कोकम: कोकम नाम से शायद हर कोई इतना वाक़िफ़ न हो पर ये भी एक प्रकार का मसाला होता है जिसका उत्पादन कर्णनाटक राज्य में होता है।

मसाला उद्योग एवं पैकिंग हेतु मशीनी उपकरण

मशीनी उपकरणों ने आज हमारे अनेकों कामों को बेहद आसान बना दिया है, जिन कार्यों को करने में घण्टों बीत जाते थे वो कार्य अब बस बटन दबाने भर से पूरे हो जाते हैं।

आधुनिक दौर में मशीनों का बहुत महत्व है, तमाम ऐसे कार्य होते हैं जो मशीनों पर आधारित है, हाथों द्वारा उन कामों को करना आसान नहीं हैं।

प्रतिदिन हम खुद ऐसे कई उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं और अगर बात करें किसी फैक्ट्री या कारखाने की तो वहाँ मशीनी उपकरण रोजमर्रा के कामों का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। 

तो हम बात कर रहे हैं मसाला उद्योग की जहाँ मशीनें प्राथमिक आवश्यकता बन चुकी है एवं इस कार्य को शुरू करने में मशीनों की अहम भूमिका होती हैं।

मसाले भी दो प्रकार के होते है जिससे हम भली भाँति परिचित हैं। 

एक तो है खड़े मसाले और दूसरे पीसे मसालेये दोनो मसाले प्रयोग में लाये जाते है।

मसालों का प्रयोग हम अन्य प्रकार के भोज्य पदार्थों में करते हैं जिससे भोजन में तो एक नई खुशबू आती है साथ ही साथ खाने के जायके को भी बढा देती है।

इन तीखे चटपटे मसालों में एक जादू होता है जिसका स्वाद चकते ही भूख और बढ़ जाती है। 

कुछ मसाले तो ऐसे भी होते हैं जिसका सेवन हमे करना ही चाहिए क्योंकि ये हमारी सेहत के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

मशीनों के माध्यम से मसालों का एक नया रूप नजर आता है क्योंकि ये उन्हें बारीकी से पीस देते हैं और खाने योग्य बनाते हैं।

मशीन के द्वारा मसालों को पीस कर उसकी पैकिंग की जाती है। और कुछ कंपनियों द्वारा रेडि मेड मसालों के पैकेट का भी निर्माण होता है।

आपको बता दे की मसालों की पैकिंग 10 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की जाती है, ये सब पैकिंग का कार्य मशीन के माध्यम से किया जाता है।

इस प्रकार कहा जा सकता है की मशीन हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हैं और इसके बिना अनेकों कार्य की कल्पना भी नही की जा सकती।

मसाला बिजनेस हेतु पंजीकरण

1. Registration

ये तो हम सभी जानते हैं कि कुछ व्यवसाय ऐसे होते हैं जिसमें Registration की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है ऐसे में इस व्यवसाय में Registration कराना अति आवश्यक है। सर्वप्रथम आपको ROC का Registration करना पड़ेगा फिर उसके बाद One Person Company भी Registration करा सकते हैं। 

2. License

Registration करवाने के बाद बात आती है License की प्रक्रिया जिसमे Local Municipal Authority Trade License लेने की आवश्यकता होगी।

3. BIS Certificate

अगली प्रक्रिया में आपको अपने इस व्यापार से संबंधित BIS Certificate लेना होगा। 

मसाला के बिज़नेस हेतु लागत

इस बिजनेस को शुरू करने हेतु आपको लगभग 20 से 50 हजार तक का शुरुआती खर्चा करना होगा और अगर इसके मशीन को लेकर बात करें तो कम से कम 3, 4 लाख रुपए Machine पर निवेश करना होगा।

एक बार इस व्यवसाय को शुरू कर लिया तो समय के साथ अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।

अपने मसाला व्यवसाय की Marketing कैसे करें

दोस्तो जैसा की हम सब जानते है मसालों का उपयोग प्रायः हर घर में नियमित रूप से होता है, ऐसे में घरों में मसालों की अधिक ज़रूरत होती है। 

हालांकि यह सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि होटल, कैफे आदि में भी इसकी आवश्यकता होती है तो उन जगहों के बारे में पता लगाने की ज़रूरत है जहाँ इसकी ज़रूरत अधिक है एवं उन स्थानों पर इन मसालों की Selling करनी चाहिए। 

इसके अलावा अपने मसलों को अलग अलग जगह पर मौजूद दुकानों में और शॉपिंग मॉल पर भी supply और marketing कर सकते है है।

मसालों के व्यापार हेतु उचित स्थान का प्रबंध

मसाला उत्पादन के लिए जो मुख्य है वो है उचित स्थान जहाँ पर मसालों का पीस कर उन्हे संपूर्ण रूप से तैयार कर सके।

इस बिज़नेस का संचालन करते समय एक ऐसा स्थान निर्धारित कर लेना चाहिए जहाँ ये कार्य आसानी से जारी रखा जा सके और वहीं इसकी Packing इत्यादि का कार्य भी हो सके।

इसके लिए स्थान के साथ साथ कुछ व्यक्तियों की भी ज़रूरत पड़ेगी जिनके द्वारा काम सुचारु रूप से होता रहे।

मसालों के व्यापार हेतु ब्रांडिंग (Branding)

आज के समय में ब्रांड बहुत हद तक ज़रूरी हो गया है या यूँ कहें तो लोगों की विश्वसनीयता ब्रांड पर बनी रहती है।

ग्राहक सामान का लोगो देखकर सामन को खरीदना पसन्द करते है।

ऐसे में एक नये ब्रांड को बाजार में स्थापित करना थोड़ा सा चुनौती भरा होता है तो इसके लिए उत्पादन कर्ता को काफी वक़्त लगता है मगर एक बार उसने Market में अपने ब्रांड को स्थापित कर लिया तो उसे व्यवसाय में सफलता अवश्य मिलेगी।

अगर आप चाहे तो स्थानीय अखबारों और पम्पलेट के माध्यम से भी अपने मसालों की Advertisement कर उसकी Marketing और Branding को बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष:

दोस्तो मसाला उद्योग के व्यवसाय (masale ka business) में आज के समय में लाभ होने के काफी ज्यादा संभावना है।

तो आप खुद का मसाला पैकिंग बिजनेस या मसाला उत्पादन बिजनेस शुरू करना चाहते है तो इस व्यवसाय को जल्द से जल्द शुरू कर सकते है।

आज के इस Article के माध्यम से हमने आपको मसाले का बिजनेस कैसे शुरू करें इससे संबंधित सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करने की कोशिश की है।

हमें आशा है की ये Article आपके लिए लाभकारी होगा व आपको मसालों से जुड़ी तमाम नई बातें जानने को मिली होगी।

 

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