सीईओ क्या होता है और कैसे बने | CEO का फुल फॉर्म क्या है

CEO, एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है, जो अपने व्यवसायिक संगठन के विकास के लिए उत्तरदायी होता है। सीईओ किसी भी संगठन का सबसे बड़ा पद होता है, जिसके पास अंतिम फैसला लेने का अधिकार होता है। वर्तमान के करियर विकल्पों में यह भी एक अच्छा विकल्प है।

सीईओ क्या होता है
सीईओ का मतलब क्या होता है ? (About CEO)

किसी भी अच्छे पद को हासिल करने के लिए अच्छी सलाह का मिलना आवश्यक होता है, तो हमारा आर्टिकल “सीईओ क्या होता है (CEO meaning in Hindi), सीईओ का फुल फॉर्म क्या होता है (CEO full form in Hindi), कैसे बने और सैलरी कितनी है?” टॉपिक पर ही आधारित है।

इस आर्टिकल में आपको CEO से संबंधित सभी सलाह और जानकारियां मिलेगी।

सीईओ क्या होता है या (What is CEO in Hindi)

अगर आप अपनी जिंदगी में अच्छा और सर्वोच्च करियर हासिल करना चाहते है, तो सीईओ एक शानदार विकल्प है, लेकिन क्या आप जानते हे के “सीईओ का मतलब क्या होता है?”

अर्थ: मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जो किसी भी कंपनी या संगठन में सर्वोच्च रैंकिंग (पद) वाला व्यक्ति होता है, और इसका फैसला अंतिम होता है। अर्थात् यह व्यक्ति अपनी संगठन की सफलता और शीर्ष स्तर के प्रबंधकीय निर्णय लेने के लिए उत्तरदायी होता है।

सीईओ को मुख्य अधिकारी, अध्यक्ष या प्रबंध निदेशक (Managing Director) भी माना जा सकता है।

किसी भी कंपनी के सभी पद इस पद के नीचे आते हैं। अब आप सीईओ का मतलब (CEO meaning in Hindi) समझ चुके होंगे।

इसका मुख्य कार्य योजना और नीतियों को लागू करना, सफल प्रबंधन को सुनिश्चित करना और भविष्य की रणनीतियों को निर्धारित करना आदि हैं। यह व्यक्ति वित्त, मानव संसाधन, कानून, संचालन, विपणन, सीईओ अनुपालन, प्रोद्योगिकी और बिक्री सहित अन्य अनेक कार्यों की देखरेख करता है।

CEO Full Form in Hindi: – इसकी फुल फॉर्म “Chief Executive Officer या मुख्य कार्यकारी अधिकारी” होती है।

सीईओ की जिम्मेदारियां और भूमिकाएं

CEO क्या है, इसे समझने के लिए आपको सीईओ की जिम्मेदारियां और भूमिकाएं को समझना होगा, हालांकि भिन्न-भिन्न कंपनी या व्यवसायिक संगठन के संगठनात्मक ढांचे या आकार के लिए सीईओ की जरूरत भिन्न-भिन्न प्रकार से होती हैं।

एक CEO का मुख्यत्तर कार्य उच्च-स्तरिय कॉर्पोरेट रणनीति और कंपनी के प्रमुख निर्णयों से संबंधित होता है, इसके अलावा अन्य कार्य प्रबंधको या विभागों को सौंपे जाते हैं।

सीईओ की भूमिका बड़े निगमों में रणनीतिक निर्णयों और कंपनी के विकास के लिए होती है।

दूसरी ओर, छोटे कंपनी या कॉर्पोरेट सरंचना में सीईओ दिन-प्रतिदिन के कार्यों और संगठनात्मक क्रियाविधियों से अधिक जुड़ा होता है। इसके अलावा कुछ कंपनीयों में संस्थापक ही सीईओ होता है, तो उनके लिए जिम्मेदारियां और अधिक बढ़ जाती है।

सीईओ का काम क्या होता है

ये जिम्मेदारियां या कार्य निम्नलिखित है, जो एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी को करने पड़ते हैं।

  • कंपनी या व्यवसायिक संगठन के लक्ष्यों को परिभाषित करते हुए निदेशक मंडल के साथ मिलकर कार्य करना।
  • जनता, शेयरधारकों और आधिकारिक निकायों के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रकार से संपर्क करना।
  • अपनी कंपनी के विजन और मिशन के लिए नीति-निर्देशों को लागू करना और उसका दिशा-निर्देश करना।
  • संगठन के अन्य अधिकारियो के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और उन्हे सही सलाह देते हुए मजबुत टीम बनाना।
  • जरूरत के अनुसार संसाधनों की आवश्यकता की पूर्ति करना और उनकी पहचान करना।
  • कंपनी के विकास से संबंधित सभी छोटी और लंबी अवधि की रणनीतियों की देखरेख करना।
  • इस पद के लिए एक निश्चित स्तर की कॉर्पोरेट समाजिक जिम्मेदारियों को सुनिश्चित करना।
  • इसके अलावा सार्वजनिक व्यवहार और कंपनी की छवि को बेहतर बनाना।

सीईओ कैसे बने – (CEO Kaise Bante Hai)

अब तक आप यह जान चुके होंगे कि सीईओ एक जिम्मेदारी वाला पद है, जिसे हासिल करने के लिए आपके विद्या का ज्ञान और कौशल दोनों ही होने चाहिए। हम दोनों के बारे में विस्तार सें जानेंगे और जानेंगे कि सीईओ कैसे बने?

CEO के लिए बेस्ट डिग्री

हम सब जानते है कि वर्तमान समय शिक्षा का है, और शिक्षा ही सबसे बड़ा मार्गदर्शक होता है, अत: सभी काम के लिए शिक्षा की आवश्यकता होती है। इसी तरह सीईओ बनने के लिए भी डिग्री (स्नातक या स्नातकोत्तर) की आवश्यकता होती है, हालांकि इस पद के लिए कोई निश्चित डिग्री नही है।

इसका मतलब है कि आप जिस क्षैत्र में सीईओ बनना चाहते है, तो उसी क्षैत्र से संबंधित आपके पास डिग्री होनी आवश्यक है। उदाहरण के लिए, आप स्वास्थ्य कंपनी के सीईओ बनना चाहते है, तो आपको स्वास्थ्य से संबंधित डिग्री हासिल करनी होगी।

इसके अलावा डिग्री को अच्छे परिणामों के साथ उतीर्ण करना होगा। सीईओ के लिए लेखांकन, व्यवसाय, अर्थशास्त्र, प्रबंधन और वित्त में स्नातक की डिग्री लेना लाभदायक है। अगर आप इस पद को हासिल करना चाहते है, तो आपको लेखांकन, सांख्यिकी, वित्त और अर्थशास्त्र में पाठ्यक्रम को पूरा करना होगा।

एक कुशल सीईओ के पास कानूनों और विनियमों, प्रौद्योगिकी उपकरणों और मानव संसाधन, प्रबंधन और विपणन, कौशल और गणित सांख्यिकी आदि से संबंधित कौशल होना चाहिए।

ध्यान रहे कि अधिक पढ़ाई करने वाला सीईओ बन सकता है, ऐसा कोई जरूरी नही है। अगर आपके पास कुछ पढ़ाई और भरपूर कौशल एवं अनुभव है, तो आप इस पद पर आ सकते है।

Best degree कौनसी है

इस पद के लिए इंजीनियरिंग और व्यवसायिक प्रशासन सबसे आम डिग्री है, और बेस्ट भी, क्योंकि एक सर्वे किया गया जिसमें पता चला कि फॉर्च्यून 500 के लगभग 45% CEO ने इन्ही दो क्षैत्रों मे पढ़ाई की थी। इंजिनियरिंग डिग्री से आप कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, रसायन, सिविल और मैकेनिकल जैसे आदि क्षैत्रों में प्रवेश कर सकते हैं।

एमबीए डिग्री भी एक अच्छा विकल्प है, जिसमें आप कौशल ज्ञान को हासिल कर सकते हैं। (बैचलर या मास्टर डिग्री)

बिना पढ़ाई पर सीईओ का पद

मार्च 2017, यूएस न्यूज के एक लेख के अनुसार, फॉर्य्यून 100 कंपनीयों के अधिकांश सीईओ ने बिना एमबीए के इस पद को हासिल किया है। और 39 सीईओ में कई ने तो गैर-अभिजात वर्ग स्कूलों से डिग्री को हासिल किया है।

इसके अलावा टाइम डॉट कॉम के 2016 के एक लेख में लिखा गया कि फॉर्च्यून 500 कंपनीयों में से 42.6% एमबीए उत्तीर्ण थे, और 18.5% अन्य मास्टर डिग्री से उत्तीर्ण थे। और लगभग 30% के पास केवल स्नातक डिग्री थी, अत: हम कह सकते है कि पढ़ाई से ज्यादा आपके पास कौशल होना आवश्यक है।

CEO बनने के लिए कौशल (Right Skills)

अगर आप अपनी कंपनी के शीर्ष पद पर पहुंचना चाहते है, तो आपको लगातार स्वयं को चुनौती देनी होगी, और अपने अंदर कौशल और गुणों को बनाना होगा। ये कौशल व गुण निम्नलिखित हैं-

  • नेता बनना: अपनी टीम का सक्रिय रूप निर्देशन करना और प्रभावी नेतृत्व करना।
  • व्यवसायिक संचार बनाना: आपके पास एक मजबूत नेटवर्क  और लिंक बनाने का गुण होना चाहिए।
  • निर्णायक बनना: इस पद पर आपका फैसला अंतिम होता है, जिस पर कंपनी का भविष्य निर्भर करता है, अत: आपको सही फैसला लेने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।
  • दबाव के साथ काम: यह एक सर्वोच्च पद है, जिसके ऊपर कंपनी के सभी दबाव आएंगे और उनके बावजुद कार्य जारी रखना होगा।
  • विश्लेषण क्षमता: आपके पास अच्छी विश्लेषणात्मक क्षमता होनी चाहिए, ताकि आप कठिनाईयों को चतुरता से हल कर सके।
  • प्लानिंग: आपको हर बार नयी और प्रभावी ठंग से रणनीतियां बनानी होगी।
  • विचार: आपके विचार काफी प्रभावी होने चाहिए।
  • आत्मविश्वास: यह बेहद जरूरी गुण है, जिसका महत्व आप जानते ही होंगे।

सीईओं बनने के कुछ स्टेप्स

  1. योग्यता प्राप्त करें (शैक्षणिक)
  2. सही कौशल और गुणों का विकास करें।
  3. लगातार काम के साथ अनुभव प्राप्त करें।
  4. विश्वसनीय और मजबूत टीम बनाए।
  5. वास्तविक (सकारात्मक) व्यक्ति बनो।

सीईओ की सैलरी कितनी होती है ?

जैसा की मैने आपको बताया कि सीईओ छोटी और बड़ी के अलग-अलग प्रकार के होते हैं, और उनकी सैलरी भी अलग-अलग होती है। बहुत-से सीईओ एक छोटे से स्टार्ट-अप के साथ करते है, तो दूसरी ओर बड़े सीईओ हजारों लोगों को रोजगार देने वाली कंपनी के लिए काम करते है, जैसे- गुगल के सीईओ सुंदर पिचाई है और उनकी सैलरी US $200 मिलियन थी।

अगर आप इस क्षैत्र में अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो आपको छोटे स्टार्ट-अप से शुरू करना होगा और बिना सैलरी की चिंता किये मेहनत के साथ काम करना होगा। इससे आपको अनुभव मिलेगा और वही अनुभव आपको बड़ी सैलरी देगा।

भारत के अलावा अन्य देशों में भी सीईओ की सैलरी बहुत अधिक होती है, जैसे- 2016 में अमेरिकी कंपनीयों के सभी सीईओ का औसत वार्षिक वेतन $15.6 मिलियन था। इसके अलावा भारत देश में Pay Scale के अनुसार सीईओ की औसत वार्षिक वेतन 3,003,722 होता है

ध्यान रहे कि अगर आप कंपनी में अच्छा काम करके कंपनी को अच्छा परिणाम देते है, तो आपकों निश्चित रूप से अच्छी सैलरी मिलेगी, और इसके आपको कंपनीयों को बदलने की कोई जरूरत नही है। आपको सिर्फ अपनी कंपनी के लिए पूरी मेहनत से काम करना है।

उदाहरण: भारत के एक प्रसिद्ध व्यक्ति सुंदर पिचाई, जो गूगल के सीईओ है, उनकी पिछले वर्ष की सैलरी $ 200 मिलियन, करिब 13 अरब रूपयें के आस-पास थी। जबकि 2015 में उनकी सैलरी आधी थी, लेकिन उनकी मेहनत पर उन्हे यह बड़ी सैलरी भी मिली।

टॉप पांच सीईओ के नाम और सैलरी

  1. March Lore CEO of US E-commerce: $236 million
  2. Tim Cook CEO of Apple: $150 million
  3. Sundar Pichai CEO of Google: $106 million
  4. Elon Musk CEO of Tesla: $99 million
  5. Ginni Rometty CEO of IBM: $96 million

कुछ अन्य पद

कई कंपनी या व्यापारी संगठन के ढांचे में सीईओ के समान पद होते है, जो निम्नलिखित हैं-

  • CMO, मुख्य विपणन अधिकारी: – बाजार अनुसंधान, उत्पादन विकास, ग्राहक सेवा, बिक्री प्रबंधन और विज्ञापन जैसे अनेक विपणन संबंधित कार्य की देखरेख करता है, और ग्राहको से अच्छे संबंध बनाता है।
  • CIO, मुख्य सूचना अधिकारी: – यह एक प्रकार का सलाहाकार और विश्लेषक होता है, जो कंपनी को लगातार नई तकनीके और योजनाएं देता है।
  • CCO, मुख्य संचार अधिकारी: – जो मीडिया से संपर्क करता है और ब्रांडिंग रणनितियों पर नजर रखता है।
  • CFO, मुख्य वित्त अधिकारी: – कंपनी का वित्तीय निदेशक होता है।
  • CTO, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी: – यह इंजीनियर टीम और उत्पाद के बेहतरीन तकनीकी रणनीति के लिए जिम्मेदार होता है।
  • COO, मुख्य परिचालन अधिकारी: – यह उत्पादन और वितरण प्रणाली का निदेशक होता है, और यह सीईओ के दाहिने हाथ के समान होता है।

 

निष्कर्ष:

इस आर्टिकल में हमने सीईओ से संबंधित सभी जनकारियां दी है, जैसे- सीईओ क्या होता है, सीईओ का मतलब, सीईओ का फुल फॉर्म क्या होता है, कैसे बने और कितनी सैलरी होती है आदि।

में उम्मीद करता हूँ के CEO से सम्बंधित सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे।

अगर आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया हो तो आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर जरूर कीजिये।

इसके अलावा, आर्टिकल से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो निचे कमेंट कर हमे जरूर से बताए।

 

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