सही से दुकान चलाने के नियम जान लेंगे तो नुकसान नहीं होगा

दुकान चलाने के नियम: आप और हम जानते है कि वर्तमान समय में किसी भी कार्य को करने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा, क्योंकि आज हर क्षैत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। यह प्रतिस्पर्धा पढ़ाई और बिजनेस दोनों में देखने को मिलती है।

दुकान चलाने के नियम
अपना दुकान चालाने का सही तरीका जाने।

इसलिए सभी लोग अपनी दुकान पर ग्राहक बढ़ाना चाहते हैं। याने दुकान पर ग्राहक बढ़ाने के उपाय वो ढूंढ़ते रहते है। 

अगर इसे थोड़ा पलटकर समझा जाय तो दरसल लोग अपने दुकान को चलाने का सही नियम ही जानना चाहते है, जिनसे उन्हें ज्यादा से ज्यादा मुनाफा मिल सके। 

वैसे देखा जाए तो दुकान चालने के ये नियम जान लेंगे तो नुकसान कभी नही होता है।

क्योंकि हर सफल व्यक्ति के अपने नियम होते हैं, और उन्ही नियम व सिद्धांत के कारण वे सफल हो जाते हैं,

अत: दुकान चलाने के सही नियम जानना बेहद आवश्यक है।

यह नियम दो तरिकों पर आधारित होता है, मतलब वास्तु शास्त्र और प्रायोगिक तरिकों पर आधारित होते हैं।

ये दुकान चलाने के नियम क्या है ?

दुकाने कई तरह की होती हैं, जैसे किराना सामान, कपड़े, डेयरी, बेकरी शॉप इत्यादि।

और हर दुकान का उद्देश्य होता है कि उनकी दुकान पर सबसे ज्यादा ग्राहक आए।

कोरोना के समय में कई लोगों ने आत्मनिर्भर बनने के लिए दुकान खोली हैं, तो कई लोग पहले से ही दुकान चलाते हैं।

लेकिन वे लोग अपनी दुकान पर ग्राहक (कस्टमर) बढ़ाना भी चाहते है, इसके लिए सही दुकान चलाने के तरीके और नियमों की जरूरत होती है।

ये नियम वास्तु शास्त्रों के आधार जादु-टोटके भी होते है और प्रायोगिक तरिके भी होते हैं।

अत: आप पर निर्भर करता है कि आप किन नियमों की पालना करना चाहते हैं, लेकिन हम दोनों ही तरिके के दुकान चलाने के नियम आपके साथ सांझा करेंगे।

दुकान चलाने के लिए प्रायोगिक नियम

हमने यहां पर कुछ प्रायोगिक नियम दिये हैं, और ये नियम प्रयोग के आधार पर तैयार किये गये है।

मतलब जिन लोगों ने दुकान चलाने में सफलता हासिल की है, उनकी सलाह के आधार पर यह नियम बताएं जा रहे हैं।

नियम 1: ग्राहकों का विश्लेषण करना

अपनी दुकान पर ग्राहकों को बढ़ाने के लिए सबसे पहले नियम ग्राहकों की जरूरतों का विश्लेषण करना होता है।

मतलब ग्राहकों को किस तरह की वस्तु चाहिए, और वे कितने रूपये तक खर्च कर सकते है।

इसके अलावा यह भी जांच करे कि आपकी दुकान के आस-पास का एरिया कैसा है और क्या वह एरिया ग्राहकों के आने के लिए बिल्कुल सही है या नही।

हो सकता है कि ग्राहकों की जरूरतों के आधार पर दुकान चलाने से कम मुनाफा मिले, लेकिन इससे आपको ग्राहको बहुत ज्यादा मिलेंगे।

और ग्राहक ज्यादा है, तो आप वेरायटी बढ़ा कर अधिक मुनाफा कर सकते है।

अत: कहने का मतलब यही है कि आप अपने कस्टमर की जरूरतों को समझने की पूरी कोशिश करें, और इसके लिए ग्राहकों के साथ संबंध बनाएं और उन्हे जोड़े रखे।

नियम 2: नियमित स्टॉक बनाए रखे

किसी भी दुकान को चलाने का दूसरा नियम यही होता है कि आप अपनी दुकान पर ग्राहकों की जरूरत का सभी सामान रखे, मतलब आपका ग्राहक खाली हाथ नही जाना चाहिए।

क्योंकि अगर आपके कस्टमर को वह सामान नही मिलता है, तो वह किसी अन्य दुकान पर जाएगा और हो सकता है कि अगला सामान भी वह दुसरी दुकान से ही लेकर आए।

ध्यान दे कि जरूरत से अधिक सामान को स्टॉर करके बिल्कुल न रखे, क्योंकि इससे सामान खराब होने लगता है, और ग्राहकों को जब आप पुराना सामान देते है तो वे आपकी दुकान से सामान लेना बंद कर सकते है।

इसलिए हफ्ते में दो से तीन बार सामान की लीस्ट बनाएं और बाजार से सामान लाकर रखे।

आप अपनी दुकान पर बिक्री बढ़ाने के लिए नयी वैरायटी भी रख सकते हैं, जैसे किराने की दुकान होने पर भी आप दुध के प्रोडक्ट्स, रिचार्स सुविधा, सब्जियां, फल इत्यादि की बिक्री कर सकते हैं।

नियम 3: आपका और आपके दुकान स्टाफ का व्यवहार

दुकान चलाने के नियम में एक नियम व्यवहार का भी होता है, मतलब ग्राहकों से जुड़ने व न जुड़ने का कारण अधिकतर आपका या आपके स्टाफ का व्यवहार होता है।

अगर आपके बोलने और चलने-फिरने का व्यवहार अच्छा है, तो ग्राहक भी आपकी दुकान की ओर ज्यादा आकर्षित होंगे।

हालांकि हम जानते है कि ग्राहकों की अलग-अलग तरह की डिमांड के कारण गुस्सा आ जाता है, लेकिन कहा जाता है कि दुनिया का कोई काम मुश्किल नही होता है।

इसलिए आप कुछ तरिकों से गुस्से को नियंत्रित कर सकते हैं।

व्यवहार का मतलब है कि आप ग्राहकों के साथ मीठा व्यवहार करें और ईमानदारी से कमाई प्राप्त करें।

नियम 4: सीमित उधारी रखें

उधारी भी दुकान चलाने का एक नियम होता है, क्योंकि ग्राहकों के बढ़ने और न बढने का कारण अधिक उधारी भी होता है।

मान लिजिए कि आपने किसी व्यक्ति को काफी ज्यादा उधार दे दी है, और वह व्यक्ति उधार देने में अभी असमर्थ है।

लेकिन आपको उन पैसों की जरूरत है और वह पैसे नही दे पा रहा है। ऐसे में हो सकता है कि आप उनसे लड़ाई कर दे।

इससे आपके अन्य ग्राहकों पर बुरा प्रभाव पड़ता हैं,

अत: एक सीमित मात्रा में ही उधार ले या दे।

आप चाहे तो इसे अपना सिद्धांत बना सकते है और एक सीमित उधार के बाद अपनी नियम से हटे न। मतलब अधिक उधार न दे।

नियम 5: दुकान को सजाकर रखना

यह बेहद जरूरी नियम है, अगर आप अपनी दुकान को अच्छी तरह से चलाना चाहते है।

सभी कस्टमर एक साफ-सुधरी जगह और अधिक डिजाइन व सजी हुई दुकान से सामान लेना ज्यादा पसंद करते हैं।

मान लिजिए कि कोई कस्टमर आपकी दुकान पर आता है और उन्हे आपकी दुकान पर कचरा ज्यादा दिखाई देता है और सामान भी गंदे दिखाई देते है,

तो ऐसे में वह दुसरी बार आपकी दुकान से सामान कभी नही लेगा।

लेकिन अगर आपकी दुकान ज्यादा साफ और सजी हुई रहती है, तो जाने वाले ग्राहक भी आपकी दुकान की ओर आकर्षित होंगे और अन्य को भी सामान लेने के लिए उत्साहीत करेंगे।

ध्यान रहे कि स्वयं भी साफ-सुधरे रहे।

नियम 6: दुकान का प्रचार करना

आप अपनी दुकान के प्रोडक्ट का प्रचार कर सकते है, मतलब अपनी दुकान पर अधिक आकर्षित सजावट करें ताकि लोगो का ध्यान आपकी दुकान पर रहे।

इसके अलावा विज्ञापन करने के अन्य अनेक तरिके हैं और यह तरिके आप इंटरनेट से प्राप्त कर सकते हैं।

Facebook marketing, Digital marketing जैसे online marketing के तरीके जरूर अपनाये दुकान के marketing के लिए।

नियम 7: मार्केट रिसर्च करना

मार्केट रिसर्च करना भी दुकान चलाने का एक नियम है। क्योंकि जब तक आप मार्केट में आने वाले नये ट्रेडिंग प्रोडक्ट पर नजर नही रखेंगे तब तक आप अपनी दुकान पर ग्राहक नही बढ़ा सकते हैं।

मान लिजिए कि मार्केट में कोई नया सामान आता है, लेकिन आप वह सामान नही लाते है तो ग्राहक खाली हाथ वापिस चला जाएगा।

और ग्राहक अगर खाली जाता है तो उसके पीछे अन्य सभी ग्राहक भी अन्य दुकान पर ही जाएंगे।

नियम 8: दुकान खाली न छोड़े

दुकान पर ग्राहकों के कम आने का एक मुख्य कारण दुकान को किसी अन्य के भरोसे खाली छोड़ना भी होता है।

यह प्रयोग हमने भी करके देखा है, क्योंकि ग्राहक मालिक के साथ ही बातचीत करना ज्यादा पसंद करता है।

इसके अलावा, आपका स्टाफ सामान को बेचने के लिए आपके जैसा जोर कभी नहीं लगाएगा। 

हालांकि आप अपने स्टाफ लगा सकते हैं, लेकिन आपको अपनी दुकान में उपस्थिति देने बहुत जरूरी हैं।

आपकी अनुपस्थित ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष बुरा प्रभाव डालती है।

एक और बात है कि आप सभी ग्राहकों से बातचीत भले न करें, परंतु उन्हे नाम से बुलाकर एक बार जरूर नमस्ते करे।

स्टोर मालिक को क्या नही करना चाहिए

दुकान को बेहतरिन तरिके से चलाने के लिए कुछ न करना भी उचित होता हैं, जैसे-

  • लड़ाई-झगड़े न करें,
  • चेहरे पर गुस्से की जगह स्माइल रखे,
  • स्टॉक को जरूरत से ज्यादा न भरे,
  • ग्राहकों को निराश न करे,
  • जादुई टोटकों पर अंधविश्वास न करे,
  • अंजान लोगों से उधारी न रखे,
  • दुकान को अन्य के भरोसे न छोड़े,
  • पैसे बाद में लेने की बजाय पहले ले इत्यादि।

दुकान चलाने के लिए जादुई टोटके के नियम

दुकान चलाने के लिए वास्तु शास्त्र पर आधारित अन्य अनेक तरिके के जादुई टोटके भी हैं। जैसे –

नींबू और मिर्च का टोटका

दुकान के मुख्य द्वार पर नींबू और मिर्च को टांग सकते है। इसके लिए आप 7 साबुत हरी मिर्च ले और एक नींबू ले।

अब इन्हे काले धाके से बांध कर टंगा दे।

अन्य उपाय

  • नमक उपयोग से दुश्मन की नजर से दुकान को बचा सकते है।
  • दुकान में शिवलिंग या लक्ष्मी या कुबेर की पुजा कर सकेत है।
  • दुकान खोलते समय काली मिर्च का उपयोग करे इत्यादि।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने सफल तरिके से दुकान चलाने के सभी नियम दिये हैं। अगर आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आता है तो आर्टिकल को social media पर जरूर से share करे। 

इसके अलावा article से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो निचे comment कर हमे जरूर से बताए।

में उम्मीद करता हूँ के, सही से दुकान चलने के ये कार्यकर उपाय आपके काम जरूर आने वाला है।

 

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