इंटर्नशिप क्या है ? इंटर्नशिप के प्रकार, अपने लिए इंटर्नशिप कैसे खोजें

दोस्तों, आजके इस आर्टिकल पर हम जानेंगे के, “इंटर्नशिप क्या है” (What Is Internship in Hindi) ?

Internship kya hota hai ?

आज के इस बेरोजगारी के दौर में हर कॉलेज के छात्र- छात्रा का अपना एक अच्छा करियर पाने का एक सपना होता है।

सभी छात्र-छात्राएं चाहते हैं कि कॉलेज समाप्त होने के पश्चात अपने लिए एक ऐसी करियर को चुनें, जिस करियर में जाने के बाद उनके आर्थिक विकास के साथ-साथ बौद्धिक विकास और खुद का एक जज्बा और जुनून भी होना चाहिए। 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज के इस कंपटीशन के दौर में सरकारी नौकरी पाना कितना कठिन हो गया है।

जिसके वजह से, लगभग छात्र-छात्राएं प्राइवेट नौकरी में ही अपने भविष्य की शुरुआत करते हुए अपना एक अच्छा करियर बनाना चाहते हैं।

लेकिन उसके लिए आपके पास सिर्फ किताबी ज्ञान काफी नहीं है।

किताबी ज्ञान के साथ-साथ आपके पास कार्य करने का अनुभव होना चाहिए। जिसके लिए छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप करते हैं।

कोई भी छात्र या छात्रा जब किसी निजी क्षेत्र में नौकरी की शुरुआत करता है, तो उसके लिए उसके पास बहुत सी चीजों की आवश्यकता होती है।

जैसे कि सोशल स्किल, कम्युनिकेशन स्किल, प्रैक्टिकल नॉलेज, वर्क कम्पलीशन इत्यादि यह सब चीजें आपको 2 से 6 महीने में होने वाले इंटर्नशिप के दौरान सिखाया जाता है। 

आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको इंटर्नशिप के बारे में सारी जानकारी देंगे।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि इंटर्नशिप का मतलब क्या है। 

इंटर्नशिप क्या होता है ? (What Is Internship in Hindi)

क्या आप जानते है, इंटर्नशिप (internship) को हिंदी में प्रशिक्षुता कहते हैं।

जिसका मतलब अगर कोई कॉलेज के छात्र- छात्रा अपना कोई नया व्यवसाय या नौकरी करने के लिए किसी भी क्षेत्र में नए उतरे होते हैं, तो उनके लिए प्रशिक्षुता यानी कि इंटर्नशिप करना लाभदायक होता है। 

इंटर्नशिप एक ऐसा अनुभव होता है जिसमें कि आप 2 से 6 महीने के लिए किसी संस्था या कंपनी में जाकर उनके साथ काम करते हैं।

और जिस काम का आपको अनुभव मिलता है।

इंटर्नशिप का मुख्य लक्ष्य किसी भी छात्र या छात्रा को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज (practical knowledge) प्राप्त करना होता है। 

आज के समय में इंटर्नशिप का प्रचलन इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल जैसे आदि क्षेत्रों में काफी तेजी से बढ़ गया है।

आपको बता दें कि आज के इस बदलते समय में हर निजी संस्था या कंपनी यह चाहती है कि उसके कंपनी में जो भी एम्प्लॉई काम कर रहा हो,

उसके पास किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज अवश्य होना चाहिए।

बहुत सी ऐसी चीजें होती हैं, जो कि आपको किताबों में नहीं लिखे मिलते हैं। उसके लिए  आपके पास प्रैक्टिकल नॉलेज प्राप्त करना चाहिए। 

इंटर्नशिप करने से आपको इस बात का अनुभव मिलता है कि किसी इंडस्ट्री या कंपनी में किस तरह से काम किया जाता है, कस्टमर को कैसे डील किया जाता है, कंपनी में आपके साथ काम कर रहे आपके साथी के साथ आपका कैसा व्यवहार होना चाहिए और इसके साथ ही आपका कम्युनिकेशन स्किल भी अच्छे रहनी चाहिए।

तो दोस्तों, इंटर्नशिप क्या है अब शायद आपको पता चल गया होगा।

अब, इंटर्नशिप का मतलब समझ ने के बाद, चलिए अब आपको इंटर्नशिप के प्रकारों के बारे में बताते हैं। 

इंटर्नशिप के प्रकार (Types Of Internships)

इंटर्नशिप के भी कई प्रकार होते हैं, लेकिन मुख्य रूप से इंटर्नशिप दो प्रकार के होते हैं।

किसी भी इंडस्ट्रियल कंपनी या उसके मैनेजमेंट के ऊपर निर्भर करता है कि वह किस प्रकार की इंटर्नशिप छात्रों के लिए प्रोवाइड करा रही है।

कुछ इंटर्नशिप सिर्फ 2 महीने के होते हैं और कुछ इंटर्नशिप 4 महीने से लेकर 6 महीने तक होती है। हो सकता है आपके इंटर्नशिप फुल टाइम हो और हाफ टाइम भी हो सकता है।

यह भी हो सकता है कि, इंटर्नशिप छात्र के शेड्यूल के अनुसार हो। यह तो कंपनी के ऊपर निर्भर करता है जो बढ़ भी सकता है और कम भी हो सकता है।

तो चलिए अब हम आपको अलग अलग इंटर्नशिप के बारेमे बताते है।

सबसे पहले हम आपको बताएंगे पेड इंटर्नशिप के बारे में। 

1.पेड इंटर्नशिप

पेड इंटर्नशिप में आपको किसी भी इंडस्ट्री या कंपनी द्वारा तय की गई धनराशि दी जाती है और इसके साथ ही इसमें कुछ प्रोफेशनल फील्ड भी शामिल होते हैं।

जैसे कि इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मेडिसीन, आर्किटेक्चर, बिजनेस, एडवरटाइजिंग इत्यादि।

जब आप अपने कॉलेज में अपने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रहे होते हैं, उस समय आपके 2nd और 3rd ईयर में आपका एक्सपीरियंस मांगा जाता है।

जिसके लिए, छात्रों को इंटर्नशिप करना होता है।

पेड इंटर्नशिप में आपको सर्टिफिकेट के साथ-साथ किसी कंपनी या इंडस्ट्री द्वारा तय की गई धनराशि भी मिलती है। जिसमें कि आप अनुभव लेने के साथ-साथ उस कंपनी या इंडस्ट्री के लिए काम भी कर रहे होते हैं। 

2.अनपेड इंटर्नशिप 

अनपेड इंटर्नशिप में आपको किसी भी कंपनी या संस्था द्वारा, जिससे आप इंटर्नशिप कर रहे होते हैं, किसी भी प्रकार की धनराशि नहीं दी जाती है।

अनपेड इंटर्नशिप करने से आपको सिर्फ सर्टिफिकेट ही मिलता है।

इसके अंदर आपको ज्यादातर केवल सीखने का सहायता मिलता है और आपको आपके काम के लिए किसी भी प्रकार की धनराशि नहीं दिए जाते हैं। 

वैसे, पैसे न भी मिले तबभी, कुछ अच्छे companies में अनपेड इंटर्नशिप करने पर, वो आपके career के लिए बोहोत ही लाभदायक साबित हो सकता है।

इंटर्नशिप करने के फायदे

किसी भी निजी इंडस्ट्री या कंपनी में काम करने से पहले इंटर्नशिप करने के कई सारे फायदे हैं। अब आपको इंटर्नशिप करने से होने वाले फायदों के बारे में बताते हैं। (Advantages Of Internship in Hindi).

1.इंटर्नशिप करने से प्रैक्टिकल नाॅलेज मिलता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ आपके पास व्यवहारिक ज्ञान होना भी जरूरी है। तो इंटर्नशिप करने से आपको प्रैक्टिकल नाॅलेज का अनुभव भी मिलता है। इसके साथ ही आपको किसी कंपनी में टीम के साथ कैसे काम करते हैं, आपका सॉफ्ट स्किल, सोशल स्किल और टीम के सदस्यों के साथ आपके व्यवहार करने के तरीकों को भी सिखाया जाता है। 

2. इंटर्नशिप करने से आपकी कम्युनिकेशन स्किल अच्छी होती है, जिसके जरिए आप अपने आप को किसी के भी सामने दर्शा सकते हैं और बोहोत जल्दी लोगो से घुल मिल सकते है। सेल्स और मार्केटिंग के काम में ये स्किल (skill) बोहोत ही जरुरी होता है।

3. इंटर्नशिप का एक फायदा यह भी है कि आपको कई अच्छे दोस्तों के मिलने के साथ-साथ आपका नेटवर्क पहले से ज्यादा बड़ा और स्ट्रांग हो जाता है। 

4. इंटर्नशिप के फायदे में से एक है आपका आत्मविश्वास। जिसमें की किसी भी छात्र के अंदर आत्मविश्वास (confidence) बढ़ जाता है और यह पता चल जाता है कि किसी भी जगह किस तरह से काम किया जाता है। 

अपने लिए एक बेहतर इंटर्नशिप कैसे खोजे ?

आपको तो पता ही होगा की, आपको अपनी एक अच्छे करियर बनाने के लिए और एक बेहतर जॉब दिलाने में जो अहम भूमिका अदा करती है, वह है एक बेहतर इंटर्नशिप (Internship)।

एक अच्छी इंटर्नशिप आपको फील्ड के बारे में करीब से जानने और अनुभव लेने का बहुत ही अच्छा अवसर प्रदान करती है।

परंतु ज्यादातर लोग समय पर सही इंटर्नशिप का चुनाव नहीं कर पाते हैं।

अगर आप भी अपने लिए एक बेहतरीन इंटर्नशिप खोज रहे हैं। तो आपको कुछ तरीकों के बारे में बताते हैं। 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज के समय में कॉलेज टाइम में ही लगभग सभी छात्र- छात्राओं को अपने-अपने कोर्स से रिलेटेड इंटर्नशिप करना होता है।

इसलिए आपको एक अच्छे इंटर्नशिप के लिए एक बेहतर प्लानिंग सही समय पर कर लेनी चाहिए। 

इंटर्नशिप करने के लिए जो सबसे जरूरी चीज है वह है आपका रिज्यूमे

अगर आप कहीं पर इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपके पास आपका रिज्यूमे रहना आवश्यक है और उसमें कोई भी गलती ना हो। 

इंटर्नशिप करने के लिए सबसे पहले आप अपनी पसंद की कंपनियों को खोज कर उनकी शॉर्टलिस्टिंग करके कंपनी के बारे में रिसर्च और जांच-पड़ताल अच्छी तरह से कर लेनी चाहिए।

जैसे कि कंपनी का अब तक का काम का रिकॉर्ड कैसा रहा है, उसके लिए आप कंपनी की वेबसाइट भी देख सकते हैं। 

इसी तरह, अलग अलग companies में अपने resume को submit करे और companies को अपने लिए unpaid internship के लिए approach करे।

जब बात आती है, unpaid internships की तब ज्यादातर companies आपको 3 महीने से लेकर 6 महीने तक काम करने का मौका जरूर देती है।

एकबार आपने सही से काम सिख लिया या कर लिया, तब आपको आपने experience certificate मिल जाता है जो आपके career के लिए बोहोत जरुरी होता है।

Internships के द्वारा लिए गए experience के बदौलत आपको बोहोत ही अच्छी और reputed companies में job मिलने के चान्सेस ज्यादा हो जाता है।

आज हमने क्या सीखा ?

तो दोस्तों आज हमने जाना के इंटर्नशिप क्या होता है (About Internship In Hindi) और इसके प्रकार के बारेमे।

इसके अलावा, अपने लिए इंटर्नशिप कैसे ढूंढे या खोजे, इसके बारेमे भी मेने आपको बताया।

अंततः आपको  बता दें कि आज के समय में आपके पास किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान जैसे कि कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल इत्यादि होना जरूरी है। इसलिए अगर आप अपने लिए एक अच्छे करियर की सपना देख रहे हैं, तो समय रहते सारी प्लानिंग करते हुए एक बेहतर इंटर्नशिप आपको कर लेनी चाहिए।

तो दोस्तों, अगर आपको हमारा आज का आर्टिकल “इंटर्नशिप क्या है” पसंद आया, तब आर्टिकल को जरूर शेयर कीजिये।

आर्टिकल से जुड़े किसी भी तरह का सवाल या सुझाव हे तो, निचे comment कर हमे बताये।

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